mahakal sawari ujjain

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर, सावन और भाद्र पक्ष के सोमवार को अपनी प्रजा का हाल-चाल जानने के लिए शाही सवारी निकालते हैं. भाद्र महीने के दूसरे सोमवार को भगवान महाकाल की शाही सवारी निकाली जाती है. इस दौरान भक्तों को भगवान महाकाल के कई स्वरूपों के दर्शन का सौभाग्य मिलता है. शाही सवारी का मार्ग करीब सात किलोमीटर का होता है. इस सवारी में लाखों लोग शामिल होते हैं. सवारी के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए जाते हैं और सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी जाती है

उज्जैन में साल 2024 में भगवान महाकाल की शाही सवारी 2 सितंबर को निकाली जाएगी. यह साल की आखिरी सवारी होगी. सावन और भादौ के महीने में महाकाल की सात सवारी निकाली जाती हैं. इनमें से पहली सवारी 22 जुलाई को निकाली जाएगी. बाकी सवारियों की तारीखें ये रहीं: दूसरी सवारी – 29 जुलाई, तीसरी सवारी – 5 अगस्त, चौथी सवारी – 12 अगस्त, पांचवी सवारी – 19 अगस्त, छठी सवारी – 26 अगस्त.

सावन के महीने में शिवपूजा का विशेष महत्व है. सोमवार के दिन शिवजी के दर्शन-पूजन को सबसे फलदायक माना जाता है. इसलिए, उज्जैन में सावन और भादौ के महीने के सोमवार को महाकाल की शाही सवारी निकाली जाती है. 

 

Sawan Mahakal Sawari ujjain Date:

 विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की सावन में निकाली जाने वाली सवारियों का भक्तों को शिद्दत से इंतजार रहता है. इस साल श्रावण-भादो महीने में भगवान महाकाल की शाही सवारी निकलेंगी. भादो महीने में भगवान महाकाल की अन्तिम शाही सवारी 2 सितम्बर को निकाली जायेगी. श्रावण महीने में पांच सवारी और भादो महीने में दो सवारी निकलेगी. भगवान महाकाल की सवारी को लेकर अभी से तैयारी शुरू हो गई है. 

श्रावण और भादो महीने में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी को देखने के लिए देशभर से शिव भक्त उज्जैन पहुंचते हैं. इसी वजह से एक महीने पहले से सवारी को लेकर तैयारियां शुरू हो जाती हैं.

सावन के महीने में महाकालेश्वर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है. कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा देने की कोशिश की जाएगी. अभी से जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम की टीम ने तैयारियां शुरू कर दी है.

महाकाल सवारी का महत्व

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर हर साल सावन और भाद्र पक्ष के सोमवार को अपनी प्रजा का हाल-चाल जानने के लिए महाकाल की शाही सवारी निकालते हैं। इस शाही सवारी का हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्व है। भक्तों को भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन करने का सौभाग्य मिलता है। यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन आते हैं।

mahakal sawari ujjain

महाकाल सवारी 2024 का कार्यक्रम

साल 2024 में महाकाल की सात शाही सवारियां निकाली जाएंगी। सावन के महीने में पांच और भाद्र के महीने में दो शाही सवारी होंगी। इस साल की पहली सवारी 22 जुलाई को निकाली जाएगी, और अंतिम सवारी 2 सितंबर को निकाली जाएगी। बाकी सवारियों की तारीखें निम्नलिखित हैं:

  • दूसरी सवारी: 29 जुलाई
  • तीसरी सवारी: 5 अगस्त
  • चौथी सवारी: 12 अगस्त
  • पांचवी सवारी: 19 अगस्त
  • छठी सवारी: 26 अगस्त
  • सातवीं और अंतिम सवारी: 2 सितंबर

सुरक्षा और तैयारियां

महाकाल की शाही सवारी के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए जाते हैं। प्रशासन, पुलिस विभाग, और नगर निगम की टीम पहले से ही तैयारियों में जुट जाती है। इस दौरान सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी जाती है और लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा देने की कोशिश की जाएगी।

महाकाल सवारी का मार्ग

महाकाल सवारी का मार्ग करीब सात किलोमीटर का होता है। यह सवारी महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर विभिन्न स्थानों से होकर गुज़रती है। भक्त इस दौरान भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए प्रार्थना करते हैं। मार्ग के दौरान भक्तों के लिए जलपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं।
महाकालेश्वर मंदिर के पास विभिन्न द्वारों से प्रवेश और निर्गमन की व्यवस्था की गई है।
शीघ्र दर्शन के लिए श्रद्धालु 250 रुपये की सशुल्क व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं।
जूता स्टैंड, पानी की सुविधा, और शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।